कोण क्या है? कोण के प्रकार और परिभाषा (kaun kise kahate hain)

“नमस्कार दोस्तों। गणित विषय में कोण एक महत्वपूर्ण टॉपिक है। अगर आप गणित को अच्छी तरह समझना चाहते हैं, तो कोण को समझना आवश्यक होता है। इस लेख में हम आपको कोण के प्रकारों के बारे में जानकारी देंगे।

कोण क्या होता है?

जब दो सीधी रेखाएं एक बिंदु पर मिलती हैं, तो वहां एक कोण बनता है। कोण को मापन के लिए अक्सर डिग्री का इस्तेमाल किया जाता है।

कोण कितने प्रकार के होते हैं?

  1. शून्य कोण (Zero Angle)
  2. न्यून कोण (Acute Angle)
  3. समकोण (Right Angle)
  4. अधिक कोण (Obtuse Angle)
  5. ऋजु कोण (Straight Angle)
  6. बृहत कोण (Reflex Angle)
  7. संपूर्ण कोण (Complete Angle)
  8. संपूरक कोण (Supplementary Angle)
  9. पूरक कोण (Complementary Angle)

1. शून्य कोण (Zero Angle):

जब दो सरल रेखाएं आपस में मिलकर 0 डिग्री कोण बनाती हैं, तो उसे शून्य कोण कहा जाता है।

2. न्यून कोण (Acute Angle):

जब कोण 0 डिग्री से बड़ा होता है और 90 डिग्री से छोटा होता है, तो उसे न्यून कोण कहते हैं।

3. समकोण (Right Angle):

जब दो सरल रेखाएं आपस में मिलकर 90 डिग्री कोण बनाती हैं, तो उसे समकोण कहा जाता है।

4. अधिक कोण (Obtuse Angle):

जब कोण 90 डिग्री से अधिक होता है और 180 डिग्री से कम होता है, तो उसे अधिक कोण कहते हैं।

5. ऋजु कोण (Straight Angle):

जब दो सरल रेखाएं आपस में मिलकर 180 डिग्री कोण बनाती हैं, तो उसे ऋजु कोण कहते हैं।

6. बृहत कोण (Reflex Angle):

जब कोण 180 डिग्री से अधिक होता है और 360 डिग्री से कम होता है, तो उसे बृहत कोण कहते हैं।

7. संपूर्ण कोण (Complete Angle):

जब दो सरल रेखाएं आपस में मिलकर 360 डिग्री कोण बनाती हैं, तो उसे संपूर्ण कोण कहते हैं।

8. संपूरक कोण (Supplementary Angle):

जब दो कोणों का योग 180 डिग्री के बराबर होता है, तो वे संपूरक कोण कहलाते हैं।

9. पूरक कोण (Complementary Angle):

जब दो कोणों का योग 90 डिग्री के बराबर होता है, तो वे पूरक कोण कहलाते हैं।

इस लेख के माध्यम से हमने आपको कोण के प्रकारों के बारे में जानकारी दी है। हमें आशा है कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी और इससे आपको गणित के मुद्दों को समझने में मदद मिलेगी।”

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